एक सभ्य समाज बनाने के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
एक सभ्य समाज बनाने के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
सभी पाठकगण को नमस्कार, प्रणाम
मैं आज आप सभी से मन की बातों को रखते हुए समाज के बारे में अपनी बुद्धि विवेक के अनुसार एक अच्छे सोसाइटी समाज की नींव को बनाना चाहता हूं जिससे लोगो को इस जीवन रूपी यात्रा में सहायक सिद्ध हो और प्रत्येक व्यक्ति जीवन रूपी यात्रा को सफल सुखदाई प्रेम भरा भाव भरा स्नेह भरा जीवन मिले और और पूरा जीवन चिंता मुक्त होकर ईस जीवन रुपी यात्रा का अंत हो जाए ।
सबसे पहले जानते हैं कि समाज क्या है ?
जिस जगह में बहुत से लोग एक साथ निवास करते हो उस जगह को समाज की संज्ञा दी जाती है अगर किसी भी तरह का समस्या उत्पन्न हो तो शिक्षा संस्कृति व धर्म के माध्यम से उस समस्या का निवारण किया जाता है।
आजकल के समय में समाज में अनेक तरह की समस्याएं जन्म ले चुकी है। जैसे लूट हत्या बलात्कार शिक्षा व संस्कृति को नष्ट करना अपने माता पिता का आदर भाव ना करना क्या करना धर्म है और क्या करना अधर्म है और अन्य तरह की समस्या जन्म ले चुकी है।
इस मनुष्य रूपी जीवन में दुनिया में प्रत्येक मनुष्य व्यक्ति जिसको एक ही प्रकार के साचे में ढाला गया है पर विवेक बुद्धि अलग अलग होने के कारण समाज में सभी प्रकार की समस्या जन्म ले चुकी है पर अब बात आती है कि बुद्धि विवेक को किस प्रकार ठीक किया जाए कि समस्याएं उत्पन्न ना हो इसके लिए हमें सर्वप्रथम बीज को बेहतर करना होगा। इस बीज मे सर्वप्रथम वो बीज है 'शिक्षा'।
शिक्षा ही यह सिखलाएगी की धर्म क्या है और अधर्म क्या है इसी के रास्ते पर चल कर सभ्य समाज का निर्माण हो सकेगा।
अतः जिस प्रकार बारिश के होने के बाद खेतों में बीज को डाला जाता है ठीक उसी प्रकार बीज को सही समय पर डाला जाना चाहिए बीज यानी शिक्षा शिशु को जन्म के बाद अपने धर्म कर्म बल बुद्धि का बोध कराना चाहिए शिशु को बचपन से ही शाकाहारी बनाएं बहन और भाई के बीच धर्म की परिभाषा सिखाएं व अन्य रिश्तो की मर्यादा का भली-भांति भान कराना चाहिए तत्पश्चात जन्म से 14 वर्ष तक बच्चे को अपने पूरे कंट्रोल में रखें। बच्चों को संस्कृति ज्ञान विज्ञान का भी बोध कराना चाहिए। बच्चे कच्ची मिट्टी के समान होते हैं इनको जिस तरह का रूप देना चाहेंगे वह सब बन जाएंगे और समाज को एक नई दिशा मिलेगी।
पोस्ट पढ़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद बहुत-बहुत आभार आप लोगों को पोस्ट पसंद आया हो तो इस पोस्ट को जन जन तक पहुंचाए। और सबसे पहले अपने आपको सुधारें फिर अन्य को सुधार पाएंगे जिस प्रकार सबसे पहले एक मुख्य आधार कार्ड की प्रति प्रिंट होती है ठीक उसी प्रकार उसके बेहतर फोटोकॉपी निकलते हैं। धन्यवाद धन्यवाद।
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