मनुष्य को मांसाहार करना चाहिए या नहीं इसके क्या कारण है।
नमस्कार, प्रणाम
सभी पाठक गण को सर्वप्रथम यह समझना चाहिए कि जीवन की यात्रा में किस का साथ चाहिए और किसका साथ नहीं चाहिए और कारण क्यों
हम सभी को सत्य का साथ देना चाहिए, असत्य का साथ छोड़ देना चाहिए इसका कारण यह है कि सत्य कभी झुकता नहीं है सत्य हमेशा अटल है चाहे कोई कितना भी दबा ले चाहे जो विधी अपनाकर इसको छुपाने का कोशिश करें यह छुप नहीं सकता है और न हीं मिट सकता है।
आइए अब जानते है कि
मनुष्य को मांसाहार भोजन करना चाहिए कि नहीं और इसका कारण ?
मनुष्य को कभी भी मांसाहार भोजन नहीं करना चाहिए मनुष्य को सदा शाकाहारी भोजन करना चाहिए इसके कारण निम्नतः है
धरती पर जितने भी जीव हैं उन सभी जीवो में श्रेष्ठ जीव के रूप में मनुष्य का जन्म हुआ है और मनुष्य रूपी जीवन की यात्रा में सृष्टि में नवनिर्मित सभी जीव जंतु चाहे वह जलीय जीव हो वन्यजीव हो चाहे हवा में उड़ने वाले पक्षी हो इन सभी का जन्म मानव के हित के लिए हुआ है।
इसमें से बहुत ऐसे पशु पक्षी जलीय जीव जिनका जन्म लेना हमारे लिए कितना सौभाग्यशाली है वह आगे पढ़ लेंगे।
जैसे गाय गाय का जन्म इस सृष्टि पर मनुष्य की सब इच्छाओं की पूर्ति करने वाला है सब इच्छावो में जैसे मनुष्य को स्वस्थ रहना है तो प्रतिदिन गाय का दूध का प्रयोग अपने नित्य जीवन में पीने के लिए,न के लिए वह अन्य कार्यों में बहु उपयोगी है
प्राचीन समय में अन्न को उगाने के लिए बैलों के माध्यम से खेत को जोता जाता था तत्पश्चात अन्न की उपज होती थी इसके बाद जीवन की यात्रा चलती थी
दूसरी तरफ पशुओं में घोड़ा को ले लीजिए या एक ऐसा पशु है जो पुराने समय या अभी के समय में भी लोग इसका उपयोग एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए प्रयोग में लाते थे यह प्रकृति का दिया हुआ ऐसा अनमोल उपहार है की इसको प्रयोग में लाने से प्रकृति में कोई भी संतुलन नहीं बिगड़ता है और आज के नए प्रयोग (गाड़ी मोटर हवाई जहाज ट्रेन बस) के आ जाने से प्रकृति में असंतुलन पैदा हो गई है
पक्षी में मुर्गा को ले लीजिए इसका जन्म मनुष्य के हित के लिए हुआ है प्रकृति ने इसका डिजाइन इस तरह से किया है की समय की तरह यह काम करता है जब ब्रह्म मुहूर्त का समय होता है ब्रह्म मुहूर्त का समय होते ही अपनी आवाज लगाकर मनुष्य को नींद से जगाता है और स्वस्थ रहने का संदेश देता है।
कुत्ता एक ऐसा पशु है जो मनुष्य का सबसे विश्वसनीय साथ होता है जो रात में जागने की शक्ति इसमें बहुत प्रबल होती है और अन्य तरह के कार्यों में इसका प्रयोग किया जाता है कुत्ता सुघंकर हीं तथ्यो के बारे में पता लगाता है और रात के समय आपके घरों की रखवाली करता है।
पक्षियों में कौवा को ले लीजिए यह एक ऐसा पक्षी है जो अपने सगे संबंधियों को आने की खबर, उनको आने से पहले दे देता है (आजकल के समय में जब कोई सज्जन अपने रिश्तेदार के यहां जाते हैं तू जाने से पहले फोन करके जाते हैं मोबाइल फोन आने के पहले यह काम कौआ ही किया करता था)।
और बहुत से जीव जंतु के बारे में उन सभी के कार्यों के रहस्य के बारे में जानना है और कुछ कुछ जान चुके हैं प्रकृति में जितने भी चीज है सभी मानव कल्याण के लिए है मनुष्य की जीवन यात्रा सुखद पूर्वक हो इसीलिए प्रकृति ने इन सभी का निर्माण किया है नकी इन सब को मारकर खाने के लिए
आइए अब जानते हैं कि मनुष्य को इन सभी जीव को मारकर खाने से क्या नुकसान है सर्वप्रथम नुकसान तन, मन, धन और साथ में इन सभी जीव के माध्यम से होने वाले लाभ से वंचित रहना पड़ेगा।
प्रतिदिन मांस का सेवन करने से व्यक्ति के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है तथा अन्य बीमारियों को जन्म देती है और मन को दुर्बल तथा विवेक हीन बनाती है जो प्रकृति के बताए गए रास्ते के बारे में समझ नहीं पाता है। मांसाहार भोजन करने से आपके अंदर दया करुणा प्रेम झुकना संस्कार जैसे इन सभी बातों का ध्यान हट जाता है और अंत में धन का भी बीमारियों के चलते नाश होना प्रारंभ हो जाता है।
आइए अब कुछ और बातें मांसाहार के बारे में जानते हैं प्रभु जीव को बनाते समय उनके आहारो के बारे में बहुत ही बारीकी से ध्यान रखा है और उसी प्रकार शरीर की रचना भी की है इसको जरा ध्यान से समझते हैं जो शाकाहारी जीव है जैसे कि गाय बैल भैंस कोयल मोर बकरी मनुष्य इत्यादि का जन्म के समय इन सभी जीवो का नेत्र (आंख) खुला रहता है।
और इनके दांत जीरे के समान बारीक रहते हैं तथा पाचन शक्ति भी शाकाहारी के लिए हैं तौर पर बनाई गई है।
दूसरी तरफ जो मांसाहार जीव है जैसे शेर चीता गीद्ध अन्य जीव जो मांसाहार करते हैं उनके जन्म का समय उनके आंख बंद होते हैं और उनके दांत मांस खाने के हिसाब से बड़े होते हैं तथा पाचन शक्ति भी शाकाहारी के मुकाबले अत्यधिक मजबूत होता है।
आप सभी पाठकगण को पोस्ट पढ़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद बहुत-बहुत आभार मैं आशा करता हूं कि पोस्ट पढ़ने के बाद और समझने के बाद आप मांसाहार से दूरी बनाएंगे और अपने करीबी व्यक्तियों को भी इसके बारे में जानकारी देकर पुण्य का भागी बने ऐसी आपसे अपेक्षा है और भविष्य में अपने आने वाले पीढ़ी को सुंदर स्वस्थ बेहतर शिक्षा देकर इस जीवन रूपी यात्रा को विराम देंगे । बहुत-बहुत धन्यवाद बहुत-बहुत आभार।
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